क्या आप दूसरी डेट पर शिमला जाना चाहते हैं? रुकिए। एक सवाल पूछिए ख़ुद से — क्या आपको भीड़ चाहिए, या आपको इंसान चाहिए जिसके साथ आप हैं?
कसौली हिमाचल का वो क़स्बा है जिसे पर्यटन उद्योग ने अब तक पूरी तरह लीला नहीं है। शिमला से सिर्फ़ 77 किलोमीटर दूर, पर मूड में सौ साल दूर। दूसरी डेट के लिए — जब आप एक-दूसरे को थोड़ा जानते हैं और अगला क़दम तय कर रहे हैं — यह जगह परफ़ेक्ट है।
पहुँचना कैसे है
दिल्ली से कसौली पहुँचने के तीन तरीक़े हैं, और तीनों का अपना चरित्र है।
- कालका शताब्दी: नई दिल्ली से कालका तक साढ़े चार घंटे की ट्रेन। किराया लगभग ₹800-1200 चेयर कार में। कालका से कसौली टैक्सी — क़रीब ₹1200, एक घंटा।
- अपनी गाड़ी: दिल्ली से लगभग छह घंटे, चंडीगढ़ के रास्ते। फ़्यूल ₹2500-3000 के बीच।
- कालका-शिमला टॉय ट्रेन: कालका से धर्मपुर हिमाचल स्टेशन, वहाँ से टैक्सी। धीमा, पर यादगार। सर्दियों में कोच में हीटर नहीं होते — गर्म कपड़े ज़रूरी।
पहली बार साथ सफ़र कर रहे हैं? शताब्दी लीजिए। दूसरी डेट में ट्रेन का पाँच घंटा का सफ़र एक टेस्ट है — आप चुप रह सकते हैं साथ में, या बात कर सकते हैं, दोनों ठीक है। दोनों में से एक भी अजीब लगे, तो वो एक जवाब है।
कसौली में ठहरना
कसौली छोटा क़स्बा है। बड़े होटल ज़्यादातर माल रोड के आसपास हैं। दूसरी डेट के लिए — यह मानते हुए कि आप दो अलग-अलग कमरे ले रहे हैं, क्योंकि आप दूसरी डेट पर हैं — HPTDC का रॉस कॉमन ठीक है। सर्दियों में डबल ऑक्यूपेंसी ₹3000-4500 प्रति रात। सफ़ाई है, गर्म पानी है, खिड़की से देवदार के पेड़ दिखते हैं।
एक छोटा विकल्प — कसौली क्लब (अगर सदस्यता है) या किकर बाज़ार के पास कोई गेस्ट हाउस। बजट होमस्टे ₹1800-2500 में मिलता है, पर सर्दियों में कई बंद रहते हैं। पहले से फ़ोन करके बुक कीजिए।
क्या करें, दो दिन में
दिन एक — पहुँचने वाला दिन
कसौली पहुँच कर सबसे पहले गुनगुनी हवा में माल रोड पर एक घंटा टहलिए। दुकानें छोटी हैं, शोर नहीं है। नारायणी स्टोर के पुराने केक और कुकीज़ ख़रीद लीजिए — बाद में काम आएँगे। कसौली बाज़ार में एक पुरानी बेकरी है जो 1896 से चल रही है।
दोपहर में मंकी पॉइंट की तरफ़ टहलना मुश्किल है सर्दियों में — वहाँ एयरफ़ोर्स का कंट्रोल है और शाम चार बजे बंद हो जाता है। बजाय इसके, सनसेट पॉइंट तक चलिए। माल रोड से तीस मिनट का पैदल रास्ता, हल्की चढ़ाई, और वादी का विस्तृत दृश्य।
दिन दो — धीमा दिन
सुबह देवदार के पेड़ों के बीच एक घंटा चलिए। क्राइस्ट चर्च देख लीजिए — 1853 में बना, एंग्लिकन, छोटा पर बेहद साफ़। वहाँ बैठकर बीस मिनट बिताइए। दूसरी डेट पर किसी चर्च में चुप बैठना — यह बहुत अजीब है पहले, लेकिन बाद में समझ आता है क्यों यह काम करता है। आप दोनों को एक ही कमरे में बैठकर कुछ नहीं बोलना होता है। यह इंटिमेसी है बिना फ़िज़िकल टच के।
पहाड़ों में धीमी डेट का मतलब है: आप अगले घंटे में क्या करेंगे, यह तय नहीं है।
खाना
कसौली में बड़े "फ़ाइन डाइनिंग" नहीं हैं, और यह अच्छी ख़बर है। माल रोड पर हाटको डिलाइट में थुक्पा और मोमो अच्छे हैं — ₹300-400 में दो लोग पेट भर लेते हैं। रॉस कॉमन का रेस्तराँ भी साधारण है, पर नाश्ता ठीक है।
एक छुपा हुआ ठिकाना — कृष्णा बेकरी, माल रोड से एक गली अंदर। वहाँ की प्लम केक तारीफ़ के क़ाबिल है। अपने साथ कमरे में ले जाइए और शाम को चाय के साथ खाइए।
कितना ख़र्च आएगा
- दिल्ली-कसौली-दिल्ली ट्रेन + टैक्सी: ₹4000-5000 प्रति व्यक्ति।
- दो रात होटल (दो कमरे): ₹6000-9000 कुल।
- खाना, दो दिन, दो लोग: ₹2000-3000।
- कुल: लगभग ₹12000-17000 दो लोगों के लिए।
यह शिमला के 5-स्टार होटल से बहुत कम है। और मज़ा ज़्यादा है क्योंकि भीड़ कम है।
सर्दी का सच
दिसंबर-जनवरी में कसौली का तापमान 2 से 10 डिग्री के बीच रहता है। बर्फ़बारी कम होती है, पर कोहरा बहुत है। हीटर वाला कमरा ज़रूरी है। रातें बहुत शांत होती हैं — टीवी नहीं, Wi-Fi कमज़ोर, फ़ोन का नेटवर्क आता-जाता। यह फ़ीचर है, बग नहीं।
दूसरी डेट का सबसे बड़ा टेस्ट यही होता है — जब स्क्रीन छूट जाती है और सिर्फ़ आप दोनों बचते हैं। कसौली आपको यह परिस्थिति देती है। वहाँ से वापस आकर आप दोनों तय कर सकते हैं कि तीसरी डेट होगी या नहीं। कम से कम जवाब साफ़ मिलेगा।