पिछले साल अप्रैल में एक दोस्त ने पाँच डेट्स कीं। पाँचों में दूसरी डेट नहीं हुई। दूसरे दोस्त ने तीन कीं — वही कहानी। तीसरे ने दो कीं और वो थककर जून तक ऐप बंद कर दी।
कुछ तो है अप्रैल की दिल्ली में जो रिश्ते की नयी शुरुआत को मुश्किल बनाता है। यह कोई अंधविश्वास नहीं है। मैंने तीन साल के अपने और दोस्तों के अनुभव से इसे ट्रैक किया है।
मौसम — जो हर चीज़ को प्रभावित करता है
अप्रैल मिड तक दिल्ली में तापमान 38-42 डिग्री हो जाता है। हवा गर्म है, धूल उड़ रही है, AQI 180 के आसपास। इस मौसम में बाहर निकलने का मूड ख़त्म हो जाता है, और पहली डेट लगभग हमेशा बाहर होती है।
एक बात जो लोग नहीं मानते — गर्मी इंसान का मूड सीधे-सीधे बिगाड़ देती है। पसीना आने पर पहली डेट वाली वो सुंदर सी पहली इमेज जा चुकी होती है। आप दोनों एक कैफ़े में बैठे हैं और दोनों के माथे पर पसीना है। रोमांटिक माहौल नहीं बन सकता।
क्या करें अगर अप्रैल में डेट फ़िक्स हो चुकी है
ठीक है, तारीख़ बदली नहीं जा सकती। तो यहाँ क्या काम करता है।
सिर्फ़ इंडोर — पूरी तरह
खान मार्केट की "कोट्स एंड वाफ़ल्स" — AC फुल, आवाज़ कम, रोशनी अच्छी। डीएलएफ प्रोमेनाड का क्रॉसवर्ड कैफ़े (अगर अभी भी चल रहा है, नहीं तो उसी मॉल में कोई और) — मॉल की ठंडक, खिड़की से कोई नज़ारा नहीं, पर गर्मी में नज़ारे से ज़्यादा राहत चाहिए।
लोधी गार्डन्स, हौज़ ख़ास विलेज के रूफ़टॉप, सेंट्रल पार्क — अप्रैल में भूल जाइए। पहली डेट पर पच्चीस मिनट ऑटो में बैठकर फिर बीस मिनट धूप में चलना — यह आपदा का रेसिपी है।
सुबह-सुबह का ट्रिक
सुबह सात बजे मिलना एक अजीब आइडिया लगता है पर अप्रैल में यह बचाव है। तापमान अभी 24-27 डिग्री होता है, धूप तेज़ नहीं, हवा साफ़। लोधी गार्डन के पास कोई चौराहा, एक छोटा जॉग या वॉक, फिर खान मार्केट में नाश्ता — यह काम करता है।
नाश्ता डेट एक अंडर-रेटेड अवधारणा है। एक घंटा, साफ़ दिमाग़, कोई शराब नहीं, दोनों असल में जागे हुए।
हाँ, यह पहली डेट के लिए थोड़ा अजीब है, पर अगर आप एक-दूसरे को पहले से थोड़ा जानते हैं (तीन-चार हफ़्ते ऐप पर बात हुई है) तो यह एक अच्छा आइडिया है।
शाम को बाहर — एक हठ जो जी का जंजाल बनती है
शाम सात बजे के बाद गर्मी थोड़ी कम होती है, पर धूल और प्रदूषण अब भी हैं। अप्रैल में लू चलती है, और कई बार अचानक आंधी आ जाती है। कनॉट प्लेस की इनर सर्कल या हौज़ ख़ास विलेज — बाहर की टेबल — तकलीफ़देह हो सकती है।
अगर बाहर बैठना ज़रूरी है, तो ज़ख़ीर पार्क के पास वाले कैफ़े, या चाणक्यपुरी एरिया के होटलों के रूफ़टॉप — वहाँ अच्छे पंखे और मिस्टिंग सिस्टम होते हैं। पर बजट ₹2000-3000 पर पर्सन हो जाता है, जो पहली डेट के लिए ज़रूरत से ज़्यादा है।
प्रदूषण वाला दूसरा फ़ैक्टर
अप्रैल में दिल्ली का AQI 180-250 के बीच बदलता है। दमा, एलर्जी, आँखों में जलन — यह आम है। पहली डेट पर आप छींक रहे हैं, आँखें लाल हैं — यह किसी भी इंप्रेशन को ख़राब कर देता है।
अगर आप दोनों में से कोई एक संवेदनशील है — दमा, साइनस, आँखों की एलर्जी — तो आउटडोर प्लान शुरू से छोड़ दीजिए। सीधे एयर-प्यूरिफ़ायर वाले कैफ़े में मिलिए। कई नए कैफ़े अब इसे सर्विस के तौर पर रखते हैं।
वीकेंड ट्रिप का ऑप्शन
अगर दूसरी या तीसरी डेट है, और आप दोनों कम्फ़र्टेबल हैं, तो दिल्ली से अप्रैल में एक-दिन या दो-दिन की ट्रिप लेने का यह सही समय है।
- ऋषिकेश: दिल्ली से 240 KM, सात घंटे ड्राइव। अप्रैल में तापमान 28-32 डिग्री, यानी दिल्ली से दस डिग्री कम।
- लैंड्सडाउन: 250 KM, हिल स्टेशन, 18-22 डिग्री। भीड़ कम।
- धर्मशाला: हिमाचल रोडवेज़ की वॉल्वो दिल्ली से, 12 घंटे, ₹1100-1500 सीट। तापमान 15-22 डिग्री।
दूसरी डेट पर आउट-ऑफ़-सिटी ट्रिप एक बड़ा क़दम है, पर अप्रैल में दिल्ली के बाहर जाना अक्सर इकलौता रास्ता होता है एक शांत मुलाक़ात का।
जो नहीं करना है
- इंडिया गेट पर पिकनिक: दिन में धूप, शाम को धूल, रात को भीड़। अप्रैल में यह जगह सिर्फ़ रात दस बजे के बाद ठीक है, और तब तक पहली डेट लंबी हो चुकी है।
- कमल मंदिर या हुमायूँ टोंब: ख़ूबसूरत हैं पर कोई छाँव नहीं। अक्टूबर-फ़रवरी के लिए रखिए।
- फ़ूड ट्रक एरिया: गर्मी में बाहर का खाना रिस्की हो जाता है। गैस्ट्रो प्रॉब्लम पहली डेट पर — क्या ज़रूरत है।
एक असली इंसानी बात
अप्रैल में जो लोग डेटिंग छोड़ देते हैं, वो अक्सर मई-जून में भी छोड़ देते हैं, क्योंकि तब तक आदत जा चुकी है। अगर आप सच में किसी को ढूँढ रहे हैं, अप्रैल में भी मिलते रहिए — बस प्लान को "इंडोर, नज़दीक, छोटा" बनाए रखिए। एक घंटे की कैफ़े मीटिंग, AC में, 500 मीटर की दूरी पर। यही अप्रैल का डेटिंग मंत्र है।
अक्टूबर आएगा। तब दिल्ली सबसे ख़ूबसूरत होती है — जिन लोगों से अप्रैल-जून में मिले थे, उनमें से एक-दो फिर याद आएँगे। अगर वो दोबारा बात शुरू करें, तब एक लंबी दोपहर लोधी गार्डन्स में हो सकती है। पर अप्रैल में — मॉल में मिलिए, और घर जल्दी जाइए।