अंगूर के खेत पचास डिग्री के कोण पर ढलान पर फैले हैं। पीछे सह्याद्रि की धुंधली पहाड़ियाँ। दोपहर की हवा में एक महीन मिट्टी की गंध, और गिलास में एक हल्की सफ़ेद वाइन। यह इटली नहीं है, यह नासिक है।
भारत में "वाइन टूरिज़्म" अभी नया है। नासिक, जो मुंबई से सिर्फ़ 165 किलोमीटर दूर है, इस छोटी सी दुनिया का केंद्र है। सुला, ग्रोवर ज़म्पा, यॉर्क, फ़्रैटेली, वैलोने — ये सब यहीं 50 किलोमीटर के रेडियस में हैं।
नए जोड़े के लिए — जो अभी तीन-चार महीने साथ हैं और पहला छोटा आउट-ऑफ़-सिटी प्लान बना रहे हैं — नासिक एक दिलचस्प विकल्प है।
पहुँचना कैसे है
मुंबई से
तीन रास्ते हैं:
- ट्रेन: सीएसएमटी या दादर से नासिक रोड — 3.5-4 घंटे। किराया स्लीपर ₹250, 3AC ₹700, 2AC ₹1100। पंचवटी एक्सप्रेस और इगतपुरी-नासिक रोड की लोकल ट्रेनें सबसे अच्छी हैं।
- कार से: मुंबई-नासिक हाईवे, 4 घंटे, अच्छी सड़क। अपनी गाड़ी या टैक्सी ₹3500-4500।
- बस: MSRTC या निजी ऑपरेटर — 4-5 घंटे, ₹400-800।
दिल्ली से
दिल्ली से नासिक सीधी उड़ान है लगभग हर दिन, 2 घंटे, ₹4500-7000 प्रति व्यक्ति। ट्रेन 16+ घंटे लेती है, जो इस वीकेंड ट्रिप के लिए बहुत लंबी है।
कहाँ ठहरें
नासिक में दो तरह के ठहरने के विकल्प हैं:
विकल्प एक — वाइनरी के साथ वाला रिसोर्ट
सुला का "बीयॉन्ड बाय सुला" एक बुटीक विलेज-स्टाइल रिज़ॉर्ट है, जो वाइनरी के ठीक बग़ल में है। डबल ऑक्यूपेंसी ₹7000-12000 प्रति रात (ऑफ़-सीज़न), पीक सीज़न में ₹15000+।
यॉर्क वाइनरी का भी एक छोटा होमस्टे है — कम आकर्षक पर सस्ता, ₹3500-5000।
फ़ायदा — सुबह उठकर खिड़की से अंगूर के खेत। एक कमरे से टैस्टिंग रूम तक पैदल दूरी। रात को अपने कमरे में वापस ख़ाली-पानी टैक्सी की ज़रूरत नहीं।
विकल्प दो — नासिक शहर का होटल
शहर में एक्सप्रेस इन, जेन्सिस, आईबिस — ₹3500-6000 प्रति रात। यहाँ से वाइनरी जाने के लिए टैक्सी चाहिए।
नए जोड़े के लिए — पहला वीकेंड ट्रिप — मैं कहूँगा कि वाइनरी रिज़ॉर्ट बेहतर है, बस एक रात के लिए। तजुर्बा अलग बनता है।
दो दिन का प्लान
दिन एक
11 बजे — पहुँचना। चेक-इन, एक शॉर्ट रेस्ट।
12:30 — पहली वाइनरी, सुला। गाइडेड टूर ₹400-600 प्रति व्यक्ति, 45 मिनट, जिसमें 3-4 वाइन टैस्टिंग शामिल। सुला के विनयार्ड्स और सेलर दिखाए जाते हैं।
2:30 — लंच। सुला के अंदर "सोल एंड स्पिरिट" या "वाइनरी कीचन" — लंच लगभग ₹1500-2500 दो लोगों के लिए।
4 बजे — आराम। रिज़ॉर्ट में एक घंटा।
5:30 — दूसरी वाइनरी, यॉर्क। सुला से 10 मिनट। यह छोटी, घर जैसी वाइनरी है। टूर कम औपचारिक, टैस्टिंग ₹300-500।
7:30 — वापस, डिनर। वाइनरी रिज़ॉर्ट में ही, या नासिक शहर में एक बाहरी रेस्तराँ। सोमा वाइन विलेज अच्छा विकल्प है।
दिन दो
सुबह का ब्रेकफ़ास्ट धीरे। जल्दी उठने का मन नहीं हो तो ठीक। होटल का ब्रेकफ़ास्ट 10-11 बजे तक चलता है।
12 बजे — त्र्यंबकेश्वर मंदिर। नासिक से 30 किलोमीटर, ज्योतिर्लिंग। शांत जगह, इतिहास। यह वाइनरी से बिल्कुल उलट अनुभव है — दोनों एक दिन में होना इंडिया की सुंदरता दिखाता है।
2 बजे — लंच, स्थानीय खाना। कोई अच्छा महाराष्ट्रीयन थाली — मिसल पाव, झुनका भाकर। ₹600-1000 दो लोगों के लिए।
4 बजे — निकलना। मुंबई की तरफ़ वापस।
एक अच्छा वीकेंड वो है जो थकाए नहीं। नासिक को दो दिन में देखने की कोशिश न करें — बस तीन-चार जगह, धीरे।
वाइन के बारे में कुछ बातें
नासिक की वाइन के बारे में कुछ अच्छी-बुरी सच्चाइयाँ:
- सुला की "सोविन्यों ब्लांक" एक ठीक-ठाक सफ़ेद वाइन है, ख़ासकर भारत में उगाए अंगूरों के हिसाब से।
- यॉर्क का "आर्कस" और "कैरावान" कुछ बेहतर हैं टेबल वाइन के लिए।
- भारतीय रेड्स अभी भी फ़्रांस/इटली के बराबर नहीं हैं। अपेक्षाओं को सही रखिए।
- स्पार्कलिंग वाइन (सुला का "बीयॉन्ड") भारत में अच्छा बनता है।
अगर आप दोनों शराब के शौकीन नहीं हैं — टैस्टिंग के वक़्त नाप-तोल कर पीजिए। हर वाइनरी में 4-5 टैस्ट, दो वाइनरी = 8-10 छोटे शॉट। यह ख़ाली पेट तेज़ी से चढ़ता है।
बजट
- मुंबई-नासिक ट्रेन (दोनों, राउंड): ₹2800-4400।
- होटल (एक रात, डबल): ₹7000-10000।
- वाइनरी टूर्स और टैस्टिंग: ₹1500-2500।
- लंच, डिनर, ब्रेकफ़ास्ट: ₹4500-7000।
- स्थानीय टैक्सी: ₹2500-3500।
- कुल: ₹18000-27000 दो लोगों के लिए।
कौन-सा मौसम
नासिक वाइन कंट्री का सबसे अच्छा मौसम अक्टूबर से फ़रवरी तक है। जनवरी-फ़रवरी में वाइन हार्वेस्ट का समय है, कई वाइनरीज़ स्पेशल इवेंट रखती हैं। मई-जून की गर्मी में यह भी कठिन हो जाता है। जुलाई-सितंबर में मानसून — वाइनरी टूर अभी भी होते हैं, पर खेत गीले, सैर मुश्किल।
सुला फ़ेस्ट — फ़रवरी में होता है — एक बड़ा म्यूज़िक फ़ेस्टिवल है। एक नए जोड़े के पहले वीकेंड के लिए यह बहुत ज़्यादा भीड़ हो सकती है। बचिए।
आख़िरी बात
नासिक का वीकेंड एक अच्छा "नया जोड़ा" टेस्ट है। दो वाइनरी, एक मंदिर, थोड़ी सी शराब, थोड़ी सी शांति — इसमें आप दोनों के सौ छोटे फ़ैसले दिखते हैं। कौन वाइन के बारे में बात करना पसंद करता है। कौन मंदिर में चुप रहता है। कौन लंच पर बिल अपने आप उठा लेता है।
वापस मुंबई या दिल्ली पहुँचकर, अगर आप दोनों अभी भी एक-दूसरे से बात करना चाहते हैं, तो यह वीकेंड काम आया।