उल्टी राय से शुरू करती हूँ। 55 साल के बाद जब आप डेटिंग प्रोफ़ाइल लिखते हैं, तो आपकी सबसे बड़ी ग़लती यह होती है कि आप अपने बच्चों की तारीफ़ करते हैं। "दो बेटियाँ हैं, दोनों डॉक्टर हैं।" "बेटा अमेरिका में सॉफ़्टवेयर इंजीनियर है।"
यह जानकारी फ़ेसबुक के लिए है। डेटिंग प्रोफ़ाइल के लिए नहीं।
आपकी प्रोफ़ाइल में आप कौन होने चाहिए
सामने वाला जानना चाहता है — आप कौन हैं, आज, इस उम्र में। वे आपके बच्चों की उपलब्धियाँ नहीं पढ़ना चाहते। वे यह नहीं जानना चाहते कि आपके पति कितने बड़े अफ़सर थे। वे आपसे मिलने आ रहे हैं।
तो लिखिए — आप सुबह क्या करते हैं। आपको कौन-सी चाय पसंद है। कौन-सी किताब आपकी मेज़ पर है। कौन-सा शहर आपको तीर्थ जैसा लगता है।
क्या लिखें — ठोस उदाहरण
"मुझे दिल्ली की सर्दी में बालकनी पर मूँगफली और चाय पसंद है। रविवार सुबह मैं हज़रत निज़ामुद्दीन की क़व्वाली सुनता हूँ। साहित्य में मुझे गुलज़ार अभी भी सबसे पास लगते हैं। बेटे बड़े हैं, अपनी ज़िंदगी में हैं — मेरी ज़िंदगी अब ख़ाली मैदान है जिसमें मुझे कुछ नया बोना है।"
यह एक पैराग्राफ़ बीस बेटे-बेटी तारीफ़ों से बेहतर काम करता है। क्योंकि इसमें आप दिखते हैं।
क्या न लिखें
- "गंभीर रिश्ते की तलाश।" हर 55 के बाद का व्यक्ति गंभीर तलाश में ही है। यह वाक्य आपकी जगह नहीं दिखाता, यह जगह भरता है।
- "सरल, सीधा इंसान।" कोई भी अपने को जटिल या टेढ़ा नहीं बताता। यह कुछ नहीं कहता।
- "पारिवारिक मूल्यों वाला।" यह 1995 के वैवाहिक विज्ञापन की भाषा है। आज की डेटिंग प्रोफ़ाइल में यह भरती है।
- पिछले जीवनसाथी की शिकायतें। "मेरी पिछली पत्नी के कारण..." कभी नहीं। यह एक लाल झंडा है।
- उम्र से जुड़े माफ़ीनामे। "जानती हूँ कि 55 की हूँ, उम्मीद है आप बुरा नहीं मानेंगे।" नहीं। आप 55 की हैं, यह शक्ति है।
सच बोलिए — पूरा नहीं, मगर सच
अगर आप तलाक़शुदा हैं — तो लिखिए। अगर विधवा हैं — तो लिखिए। अगर आप अब भी काम कर रहे हैं — तो लिखिए क्या काम है। अगर रिटायर हैं — तो लिखिए कि अब क्या करते हैं।
छुपाने से शुरू हुआ रिश्ता दूसरी मुलाक़ात में गिरता है। दिल्ली ग्रेटर कैलाश की एक 54 साल की पाठिका ने मुझे लिखा — उन्होंने तलाक़ शब्द नहीं लिखा था प्रोफ़ाइल में। पहली डेट पर व्यक्ति ने पूछा, उन्होंने बताया, वह डेट अच्छी नहीं रही। मगर बाद में उन्हें समझ आया — समस्या तलाक़ नहीं थी, छुपाना था।
तस्वीरें
यह शायद प्रोफ़ाइल का सबसे कठिन हिस्सा है 55+ के लिए।
- बीस साल पुरानी तस्वीर लगाने का मन होता है। नहीं। एक साल के अंदर की तस्वीर लगाइए।
- फ़िल्टर का अति-उपयोग नहीं। हल्का टच-अप ठीक है, चेहरा बदल देना ग़लत है।
- कम से कम तीन तस्वीरें — एक चेहरा साफ़, एक कहीं बाहर, एक कुछ करते हुए (कोई शौक़, खाना बनाना, बाग़, यात्रा)।
- बच्चों की तस्वीर नहीं। पति-पत्नी की पुरानी तस्वीर भी नहीं।
- ग्रुप तस्वीर में पहली तस्वीर के तौर पर नहीं। कौन आप हैं भ्रम नहीं होना चाहिए।
आयु के बारे में कुछ
सच्ची आयु लिखिए। 55 हैं तो 55 ही। 50 नहीं। कारण सरल है — पहली मुलाक़ात में चेहरा बताएगा। और तब विश्वास टूटेगा। पचास और पचपन में चेहरे पर अंतर होता है, चाहे आप कितना भी अच्छे दिखें।
हाँ, डेटिंग ऐप का खोज-दायरा आयु-अनुसार होता है — इसलिए कुछ लोग आयु कम लिखते हैं ताकि दिखें। मगर यह रणनीति नहीं, छल है।
"मुझे क्या चाहिए" — सबसे कठिन हिस्सा
कुछ लोग लिखते हैं: "मुझे पढ़ा-लिखा, परिवारवाला, घुमक्कड़, खुले विचारों वाला, हँसमुख, स्वस्थ साथी चाहिए।" यह सूची नहीं, यह ख़रीदारी है।
इसके बदले एक वाक्य कहिए — "मुझे वह व्यक्ति पसंद आएगा जो शनिवार की शाम बिना योजना के भी मेरे साथ अच्छा बिताए।" यह ज़्यादा बताता है आपके बारे में, और सामने वाले को यह सोचने देता है कि वे ऐसे हैं या नहीं।
अंतिम बात — अपनी भाषा
अगर आप हिंदी में सहज हैं, तो हिंदी में लिखिए। "अंग्रेज़ी वाले ज़्यादा पढ़े-लिखे लगते हैं" — यह पुरानी सोच है। आज 55+ भारतीय डेटिंग ऐप पर हिंदी प्रोफ़ाइल पढ़कर लोग रुकते हैं, क्योंकि ईमानदार लगती है।
एक छोटा परीक्षण — अपनी प्रोफ़ाइल पूरी लिख लेने के बाद उसे किसी अपनी बहन या पुरानी सहेली को पढ़वाइए। पूछिए: "क्या यह मैं हूँ?" अगर वह हँसकर कहे "हाँ, एकदम," तो ठीक है। अगर वह कहे "कुछ पुराना लग रहा है, तुम ऐसे तो नहीं हो," तो फिर से लिखिए।